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Hijabi GF Boobs Sucking By BF Outdoor


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2 hours ago, Shan.str said:

jai land ram and lauda sree ram....ohm nama laudaya namaha.ohm namah shiva laudaya

 

गडमरा अल्लाह और मोहम्मद कितने मादरचोद थे ये हदीस इसकी गवाह है.😂🤣😂                                                            1- मनी (वीर्य) पाक है और खाना भी जाएज़ है
मशहूर गैर मुक़ल्लिद आलिम नवाब नूरुल हसन खान लिखते हैं:
“मनी हर चंद पाक है” (अर्फुल्जादी पेज 10 )
और मारुफ़ गैर मुक़ल्लिद आलिम अल्लामा वहिदुज्ज़मा खान लिखते हैं:
“मनी (वीर्य) खाह गाढ़ी हो या पतली, खुश्क (सुखा) हो या तर (भीगा) हर हाल में पाक है”
(नुज़ुलुल अबरार भाग 1  पेज 49)
और नामवर गैर मुक़ल्लिद आलिम मोलाना अबुल हसन मुहीउद्दीन लिखते हैं:
“मनी (Sperm)पाक है और एक कौल में खाने के भी इजाज़त है”
(फ़िक़ह मुहम्मदिया भाग 1पेज 46)

9- पैगम्बर मुहम्मद का पेट या इतर का कारखाना :
पैगम्बर जब खेतों में मल त्याग करने जाते थे तो वे जिस डले से अपना पिछवाडा साफ़ करते थे तो उनके अनुयाई उस डले के लिए आपस में झगड़ते थे क्योकि उस हदीस के अनुसार उस डले से इतर की खुशबु आती थी.
तलबीस अल शाह जिल्द 1 पेज 8

10- रसूल के मूत्र और थूक पर ईमान :
अब्दुल्लाह बिन जुबैर ने कहा है कि लोग रसूल की पेशाब पिया करते थे और रसूल भी किसी को ऐसा करने से मना नहीं करते थे सहाबी मानते थे कि रसूल की पेशाब पीने से पेट का दर्द नहीं होगा " 
अश शिफा - पेज 36 
मिटटी में रसूल का थूक मिला कर चाटने से बुखार मिट जाता है " 
सही मुस्लिम - किताब 26 हदीस 5444 

11- मल  मूत्र  खाना  भी  जायज  है  :
बरेलवी सय्यदुल फुक़हा मुफ्ती  दीदार अली शाह, मरकजी अंजुमन हिज्बुल अहनाफ लाहौर का फतवा 
"इलाज के लिए न सिर्फ पेशाब, पाखाना  खाना जायज  है बल्कि कुरान  को पेशाब से लिखना भी जायज   है  "
फतवा दीदारिया  -जिल्द अव्वल  सफा .692


2- बहन बेटियों  से लिंग पकड़वाना जायज है : 
गैर मुक़ल्लिदीन का बहन और बेटी से आला ए तानासुल (लिंग) को हाथ लगवाना
गैर मुक़ल्लिदीन के शैखुल कुल फिल कुल मियां नज़ीर हुसैन देहलवी लिखते हैं:
“हर शख्स अपनी बहन, बेटी, बहु से अपनी रानों की मालिश करवा सकता है और बवक्ते ज़रूरत अपने आलाए तानासुल (लिंग) को भी हाथ लगवा सकते हैं”
(फतवा नज़ीरिया भाग 3 पेज 176)

3- अपनी सगी बेटी से निकाह :
(गैर मुक़ल्लिदीन का अपनी बेटी से निकाह (शादी)
मशहूर गैर मुक़ल्लिद आलिम नवाब नूरुल हसन खान लिखते हैं:
“अगर किसी महिला से ज़ैद ने ज़िना किया और उसी से लड़की पैदा हुवी तो ज़ैद अपनी बेटी से निकाह कर सकता है | (अर्फुल जादी पेज 109)
गैर मुक़ल्लिदीन के नज़दीक मुश्तजनी (हस्तमैथुन) जायज़ है
मशहूर गैर मुक़ल्लिद आलिम नवाब नूरुल हसन खान लिखते हैं:
अगर गुनाह से बचना हो तो मुश्तज़नी (हस्तमैथुन) वजिब है |
(अर्फुल जादी पेज 207)

4- औरत पुत्र और पिता से शादी कर सकती  है :
(एक महिला पिता एवं पुत्र के दोनों के लिए हलाल)
अल्लामा वहिदुज्ज़मा लिखते हैं:
“अगर बेटे ने एक महिला से ज़िना किया तो यह महिला बाप के लिए हलाल है इसी तरह इसके बरअक्स (विपरीत) भी” | 
(नुज़ुलुल अबरार भाग 1 पेज 28)
बाप और बेटे की मुश्तरक (साझा) बीवी
(नुज़ुलुल अबरार भाग 2 पेज 28)
चुस्लाम एक कोठा है


5- व्यभिचार  अपराध नहीं जायज  है :
गैर मुक़ल्लिदीन के नज़दीक ज़िना (व्यभिचार)जायज़ है कोई हद नहीं
(अर्फुल जादी पेज 206)


6- दूधपीती बच्ची से भी जंघामैथुन जायज है :
لا يجوز الجماع قبل بلوغها التاسعة من العمر ، سواء كان ذلك في نكاح (زواج دائم) أو زواج عابر. وأما سائر الملذات مثل اللمسة الشهوانية والعناق والفخذ ، فلا إشكال في ذلك. حتى مع رضيع يرضع "
नौ साल की उम्र तक पहुंचने से पहले संभोग करना जायज़ नहीं है, चाहे वह निकाह (स्थायी विवाह) में हो या अस्थायी विवाह में। जहां तक अन्य सुखों की बात है, जैसे कामुक स्पर्श, आलिंगन और कमर, तो इसमें कोई समस्या नहीं है। यहां तक कि स्तनपान करने वाले बच्चे के साथ भी।”
Tahreer al-Waseelah, vol. 2, page 221- -222

7- छोटे लडके से गुदा मैथुन की अनुमति
ईरान के धार्मिक नेता "सय्यद रूहुल्लाह खुमैनी - سید روح الله خمینی" ने छोटे लड़कों के साथ भी गुदा मैथुन करने को  भी उचित बताया  है
"يمكن للرجل أن يستمتع بالجنس من طفل صغير مثل الرضيع. ومع ذلك لا ينبغي أن ييلاج في المهبل ، ولكن اللواط جائز. إذا اخترق الرجل الطفل وألحق الضرر به ، فيجب أن يكون مسؤولاً عن رزقها طوال حياتها. هذه الفتاة لا تعد واحدة من زوجاته الأربع الدائمات ولا يحق للرجل الزواج من أخت الفتاة .. والأفضل للفتاة أن تتزوج في الوقت الذي تبدأ فيه الحيض في منزل زوجها وليس لها. منزل الأب.
 أي أب يتزوج ابنته في سن صغيرة سيكون له مكان دائم في الجنة. "


"एक पुरुष शिशु जैसे छोटे बच्चे के साथ यौन संबंध का आनंद ले सकता है। हालाँकि, उसे योनि में प्रवेश नहीं करना चाहिए, लेकिन लौंडेबाज़ी की अनुमति है।
 जो भी पिता अपनी बेटी की शादी कम उम्र में करेगा उसे स्वर्ग में स्थायी स्थान मिलेगा। "
Tahrirolvasyleh", fourth edition, Qom, Iran, 1990

पशु मैथुन हलाल है 
इस्लाम के हनफी विद्वान् "अल्लामा हसन बिन मंसूर गाजी खान ने पशु मैथुन के बारे में अपने फतवे में कहा है कि अधिकाँश विद्वान् पशु मैथुन को हलाल मानते है .
फतवा -गाजी खान -पेज 820. अल उज़्मा सय्यद अली सीस्तानी

पशु मैथुन से हज्ज खराब नहीं होता . 
सुन्नी इमाम अबूबकर अल काशनी ने अपनी कताब में लिखा है कि "अगर कोई जानवर के साथ मैथुन करता है तो, उसका हज्ज बर्बाद नहीं होता .
"Sunni Imam Abu Bakar al-Kashani (d. 587 H) records in his authority work
'Badaye al-Sanae' Volume 2 page 216

"अगर कोई औरत अपनी "फुर्ज" में जानवर का "आला ए तनासुल" घुसवाती है तो उसे अपनी "फुर्ज" को धो लेना चाहिए और उस "आला ए तनासुल" को भी बाहर निकालने के बाद धो लेना चाहिए.इसमे कोई दो मत नहीं है .
सही मुस्लिम -किताब हैज़ -हदीस 525


8- रसूल का लिंग वजू करता था 
"मैमूना ने बताया कि रसूल को वजू करवाते समय उनकी औरतें रसूल के पैर नहीं धोती थीं और पैरों बजाय उनका वीर्य से सना हुआ गुप्तांग धोया करती थी और उसी का वजू कर देती थी
Sahih al Bukhari Volume 1, Book 5, Number 249

"आयशा ने कहा कि रसूल पर कुरआन की आयतें उसी समय नाजिल होती थीं जब वह मेरे साथ एक ही कम्बल में घुसकर सम्भोग करते थे."
तबरी इब्ने इशाक -जिल्द 17 हदीस 7
"आयशा ने कहा कि, रसूल कहते थे कि कुरआन की आयतें उसी समय नाजिल होती हैं जब मैं तुम्हारे साथ एकही बिस्तर में सम्भोग करता हूँ यदि मैं किसी दूसरी औरते साथ सोता हूँ तो कुरान की आयतें नहीं उतरती हैं "
.बुखारी -जिल्द 5 किताब 57 हदीस 119


आयशा की बेशर्मी
Sahih Muslim, Book 003, Number 0626

आयशा व्यभिचार में पकड़ी गयी 
कसीर के अनुसार जब मुहम्मद की पत्नी एक व्यक्ति के साथ रंगरेलियां मनाते हुए पकड़ी गयी ,तो मुहमद ने उसे सजा देने की जगह लोगों को जमा किया और कुरान की आयतें बना कर आयशा को निर्दोष बता दिया और गवाह मतशः बिन उतबा, हसन बिन साबित और हमना बिन्त जहश को दोषी करार करते हुए सजा सुना दी
Ibn Kathir records in Al-Bidaya wa al-Nihaya, Volume 4 page 186

चुस्लाम की सौगात-इगलाम !
चुस्लाम की सौगात सिर्फ आतंक, व्यभिचार और अय्याशी ही नहीं बल्कि एक और कुकर्म भी है जिसे "इगलाम- اغلام "कहा  जाता  है कुरान के अनुसार जन्नत में मुसलमानों  की वासना पूर्ति  के लिए हूरों के आलावा  लडके भी  दिए जायेंगे इन्हें "गिलमान - غِلْمانٌ"कहा गया  है
وَ يَطُوفُ عَلَيْهِمْ غِلْمانٌ لَهُمْ کَأَنَّهُمْ لُؤْلُؤٌ مَکنُونٌ "
उनके पास ऐसे सुन्दर लडके लाये जायेंगे जो मोती की तरह होंगे  "
सूरा   -तूर 52:24 
और उन  लड़कों के साथ मुसलमान  जो कुकर्म करेंगे  उसे अरबी में "इगलाम - اغلام" कहते  हैं, इसे फारसी में बच्चाबाजी, बटमारी भी कहते  हैं

चुस्लिम अपने "आला ए तनासुल" को मोड़के अपनी गुदा में भी डाल सकते है
अल्लामा वहीदुज्जामा ने एक अजीब व ग़रीब मसअला गैर मुक़ल्लिदीन के लिए यह भी बयान किया कि:
“खुद अपना आला ए तनासुल (लिंग) अपनी ही दुबुर (चूतड़) में दाखिल किया तो गुस्ल वाजिब नही”
(नुज़ुलुल अबरार भाग 1पेज 24)
"नुज़ुल-उल अबरार मिन फ़िक़ह-हिन-नबी-अल-मुख्तार" पेज.20: यदि कोई अपनी उँगली मलत्याग करने वाली नली में डाल दे तो उसका वशीकरण अमान्य हो जाता है या टूट जाता है।
"नुज़ुल-उल अबरार मिन फ़िक़ह-हिन-नबी-अल-मुख्तार" पेज.20: यदि कोई अपने गुप्तांगों में छड़ी या बांस डालता है और जब बाहर निकल जाता है और सूखा पाया जाता है तो वुज़ू अमान्य नहीं होता है।
"नुज़ुल-उल अबरार मिन फ़िक़ह-हिन-नबी-अल-मुख्तार" पेज.20: यदि कोई लोहे या किसी अन्य चीज़ से नकली पेनिस बनाता है और उसे अपने गुप्तांगों के अंदर डालता है और जब इसे सूखा बाहर निकाल देता है तो वुज़ू अमान्य नहीं होता है।
"नुज़ुल-उल अबरार मिन फ़िक़ह-हिन-नबी-अल-मुख्तार" पेज.20: यदि वह लोहे या लकड़ी का नकली पेनिस गुप्त अंग के अंदर खो जाए तो वुज़ू अमान्य हो जाता है।
"नुज़ुल-उल अबरार मिन फ़िक़ह-हिन-नबी-अल-मुख्तार" पेज.21: महिलाओं का निचला प्राइवेट पार्ट (नितंब) पुरुष के चेहरे जैसा होता है।
"नुज़ुल-उल अबरार मिन फ़िक़ह-हिन-नबी-अल-मुख्तार" पेज.23: अगर कोई किसी जानवर के साथ संभोग करता है तो ग़ुस्ल (आधा स्नान)करना ज़रूरी नहीं है।
"नुज़ुल-उल अबरार मिन फ़िक़ह-हिन-नबी-अल-मुख्तार" पेज.23: अगर आदमी ने लौंडेबाज़ी की है तो वह ग़ुस्ल (आधा स्नान)नहीं करता
"नुज़ुल-उल अबरार मिन फ़िक़ह-हिन-नबी-अल-मुख्तार" पेज.23: यदि कोई मृत महिला के साथ संभोग करता है तो ग़ुस्ल (आधा स्नान) ज़रूरी नहीं है।
"नुज़ुल-उल अबरार मिन फ़िक़ह-हिन-नबी-अल-मुख्तार" पेज.24: अगर कोई अपने गुप्तांग में पेनिस डालता है तो ग़ुस्ल (आधा स्नान) करना ज़रूरी नहीं है।
"नुज़ुल-उल अबरार मिन फ़िक़ह-हिन-नबी-अल-मुख्तार" पेज.24: यदि किसी महिला के अंदर किसी पराये पुरुष का पेनिस प्रवेश (संभोग) हुआ हो तो वह ग़ुस्ल (आधा स्नान) नहीं करती है।
"नुज़ुल-उल अबरार मिन फ़िक़ह-हिन-नबी-अल-मुख्तार" पेज.24: यदि कोई पुरुष या महिला लोहे या लकड़ी का नकली पेनिस उपयोग करता है तो ग़ुस्ल (आधा स्नान) नहीं करता है।
"नुज़ुल-उल अबरार मिन फ़िक़ह-हिन-नबी-अल-मुख्तार" पेज.30: कुत्ते और उसका थूक या लार मुहक्किकिन-ए-हदीस (विशेषज्ञ मुहादिथीन (हदीस संग्राहक)) के लिए बेदाग और साफ हैं।
"नुज़ुल-उल अबरार मिन फ़िक़ह-हिन-नबी-अल-मुख्तार" पेज.30: कुत्तों को पकड़कर नमाज़ पढ़ना जायज़ है।
"नुज़ुल-उल अबरार मिन फ़िक़ह-हिन-नबी-अल-मुख्तार" पेज.30: शराब में गूंथे हुए आटे की रोटियाँ बनाना जायज़ है क्योंकि उन्हें जला दिया जाता है ताकि वे हलाल और पाक हो जाएँ।
"नुज़ुल-उल अबरार मिन फ़िक़ह-हिन-नबी-अल-मुख्तार" पेज.50: कुत्तों का पेशाब और मल साफ होता है।
"नुज़ुल-उल अबरार मिन फ़िक़ह-हिन-नबी-अल-मुख्तार" वॉल्यूम 2 पेज.28: कि यदि कोई दामाद अपनी सास को चूमता है, काटता है, गले लगाता है या उसके साथ संभोग भी करता है, तो उसकी पत्नी के साथ उसका निकाह समाप्त नहीं होगा। (उक्त सास की बेटी के साथ निकाह नहीं टूटेगा)।
"नुज़ुल-उल अबरार मिन फ़िक़ह-हिन-नबी-अल-मुख्तार" वॉल्यूम 2 पेज.35: फुक्हा-ए-अहले-मदीना (मदीना के न्यायशास्त्री) के लिए महिला के अप्राकृतिक अंगों (चुदाई के लिए) का उपयोग करना मना नहीं है।

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99 प्रतिशत तलवों को पता नहीं होता उसका असली अब्बू कौन है हलाला वाली चुदक्कड़ अम्मी पता नहीं कहां कहां चुदती है बिना कंडोम के थूक लगाके, ये बहन के लोडे मादरचोद अपनी हलाला वाली चुदक्कड़ अम्मी को भी चोद देते हैं दुनिया की पहली जमात है जो अपनी सगी अम्मी को चोदने के लिए तैयार रहती है l🤣

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